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जल्द आ रहा हैVEGA Style
VEGA Style ड्राफ़्ट को संवारता है। लिखे हुए में जो बंधे-बंधाए जुमले रह जाते हैं, यह उन्हें हटाकर आपके रोज़ के लिखने के तरीक़े के क़रीब ले आता है।
जनरेट किया गया ड्राफ़्ट कहता तो सही बात है, फिर भी पढ़ने में लगता है जैसे इसे पहले कहीं पढ़ चुके हों। सारे वाक्य एक ही लंबाई के निकलते हैं, हर पंक्ति में अल्पविराम एक ही जगह पड़ता है, और वाक्यों के अंत दोहराते रहते हैं।
इसे ठीक करने के लिए आख़िर में पूरा ड्राफ़्ट आपको ही दोबारा लिखना पड़ता है।
दोबारा लिखने का वही काम हम अपने ज़िम्मे ले लेते हैं।
यह क्या करता है
AI का लिखा हुआ हम आपके अंदाज़ में दोबारा लिखते हैं
लिखे हुए की बात जैसी है, वैसी ही रहती है। सिर्फ़ कहने का अंदाज़ आपके अपने लिखने के तरीक़े की तरफ़ बढ़ता है। अब आपको कोई ड्राफ़्ट शुरू से आख़िर तक दोबारा नहीं लिखना पड़ेगा।
वाक्यों के अंत और अल्पविराम की आदतें हम हटाते हैं
वाक्य घूम-फिरकर तीन ही तरह से ख़त्म होते हैं, या हर पंक्ति में अल्पविराम एक ही जगह आ बैठता है। आप इन्हें कहां रखते हैं, यह हम आपके अपने लिखे हुए से पढ़ लेते हैं और उसी के हिसाब से मिला देते हैं।
आपकी वर्तनी हम वैसी ही रखते हैं
"हिन्दी" या "हिंदी"। "ज़रूरी" या "जरूरी"। "गई" या "गयी"। इनमें से आप कौन-सा लिखते हैं, यह बैठकर सोचने से बहुत पहले तय हो चुका होता है। आपके लिखे हुए से हम इसे उठा लेते हैं और वैसा ही रहने देते हैं।
हर तरह के लिखने के लिए अलग-अलग रख सकते हैं
काम का ईमेल और छपने वाला लेख, एक ही व्यक्ति दोनों को अलग-अलग ढंग से लिखता है। हर तरह के लिए हम अलग तैयार करते हैं। दोनों को मिला दें, तो जो निकलता है वह किसी से भी नहीं मिलता।
जितना जोड़ते जाएंगे, उतना क़रीब आता जाएगा
शुरू के 90 मिनट में आपने जो लिखा, वहीं से यह शुरू होता है। उसके बाद आप जो लिखते हैं, उसे जोड़ते जाएं तो यह आपके अपने लिखने के तरीक़े के और क़रीब आता जाता है। और चाहें, तो कभी भी जोड़ सकते हैं।
शुरुआत
क़रीब 90 मिनट आपको लिखना होता है।
आप कैसे लिखते हैं, यह समझने के लिए हम आपसे पहले कुछ लिखने को कहते हैं। लिखने के विषय हम दे देते हैं।
शुरू करने से पहले हम एक बात पूछते हैं। ईमेल, लेख, या कहानी। आगे जो कुछ भी होता है, उससे ज़्यादा फ़र्क़ यही एक सवाल डालता है, क्योंकि दो अलग मक़सद से लिखा हुआ आपस में मिल जाए, तो जो बनता है वह किसी से नहीं मिलता।
उसके बाद बस विषयों पर लिखते जाना है। हर एक क़रीब 100 शब्द का, ऐसे 16। पन्ना खाली देखकर हाथ न रुके, इसके लिए शुरुआत की कुछ पंक्तियां भी हम सुझा देते हैं।
बीच में बंद कर दें, तो जहां तक लिखा है वह बचा रहता है। अगली बार वहीं से आगे बढ़ते हैं।
यह क्या नहीं करता
जो हम ठीक नहीं कर सकते, वह भी पहले बता देते हैं।
कहने का अंदाज़, वह हम बदल सकते हैं। वाक्य की लंबाई, अल्पविराम कहां लगता है, वाक्य किस तरह ख़त्म करते हैं, कौन-सा शब्द किस वर्तनी में लिखते हैं। यहां तक हम ठीक कर सकते हैं।
बात में दम न हो, तो वह हम ठीक नहीं कर सकते। कोई ठोस उदाहरण नहीं, दावा कमज़ोर, और कहीं कुछ दांव पर नहीं। यह लिखे हुए की बात का मामला है, और वहां तक हमारा हाथ नहीं पहुंचता।
कुछ ऐसे टूल हैं जो बताते हैं कि किसी लिखे हुए के पीछे किसका हाथ है। उन्हें चकमा देना हमारा मक़सद नहीं है, और कभी नहीं होगा। आपके लिखे में हम कुछ जोड़ते नहीं। कोई बात गढ़ते नहीं।
क्या चाहिए
जो Mac आपके पास है, उसी पर चलता है।
Apple silicon वाला Mac, जिसमें 16GB या उससे ज़्यादा मेमोरी हो।
आप हमें जो लिखा हुआ देते हैं, उसका क्या होता है — यह पूरा-पूरा गोपनीयता नीति में लिखा जाएगा। रिलीज़ से पहले हम इसे तैयार रखेंगे, ताकि आप पहले पढ़ सकें।
रिलीज़ की तारीख़ अभी तय नहीं है। जैसे ही तय होगी, हम इसी पेज पर बता देंगे।